
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | 25 मार्च 2026
कुशीनगर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून की पकड़ से बच पाना अब आसान नहीं। दिखावे में साधारण और भीतर से संगठित—ऐसे ही एक अंतर्राज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए थाना बरवापट्टी पुलिस ने दो शातिर तस्करों को धर दबोचा। हैरानी की बात यह रही कि तस्करी का तरीका भी उतना ही ‘देसी’ था जितना गैरकानूनी—बाल्टियों में छुपाकर अंग्रेजी शराब की सप्लाई!
पुलिस टीम को मुखबिर से मिली सटीक सूचना ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। कौवाखोर गांव के पास जैसे ही संदिग्ध गतिविधि दिखी, पुलिस ने घेराबंदी कर दो मोटरसाइकिल सवारों को पकड़ लिया। तलाशी में जो निकला, वह चौंकाने वाला था—06 बाल्टियों में छुपाकर रखे गए 417 पाउच अंग्रेजी शराब (8 PM), दो मोबाइल फोन और नगद 750 रुपये। तस्करों की चालाकी देखिए, सड़क पर आम सामान की तरह बाल्टियां ढोकर वे कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मनोज यादव और उमेश यादव के रूप में हुई है, जो विशुनपुरा थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद माल और वाहनों की कुल कीमत लगभग 1.25 लाख रुपये आंकी गई है।
इस कार्रवाई के पीछे पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के सख्त निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा की निगरानी और क्षेत्राधिकारी जयंत कुमार के नेतृत्व की स्पष्ट छाप नजर आई। अभियान की अगुवाई कर रहे थानाध्यक्ष दिनेश कुमार और उनकी टीम ने जिस तत्परता और सटीकता से कार्रवाई की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
हालांकि सवाल यह भी है कि आखिर ऐसे तस्कर कितने समय से इस ‘बाल्टी मॉडल’ के सहारे अवैध कारोबार चला रहे थे? क्या यह सिर्फ दो लोगों की करतूत है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? पुलिस की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश जरूर देती है—अब ‘छुपाकर’ नहीं, खुलकर भी कानून से बच पाना मुश्किल
