

साली को गोली, फिर खुद को मौत!” तमकुहीराज डबल डेथ मिस्ट्री में रिश्तों के पीछे छिपे राज पर उठे
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से अमित कुमार कुशवाहा, विशेष संवाददाता
कुशीनगर। तमकुहीराज थाना क्षेत्र का बसडिला बुजुर्ग गांव इन दिनों मातम से ज्यादा सवालों की आग में जल रहा है। बुधवार को हुई साली और जीजा की सनसनीखेज मौत ने पूरे इलाके को ऐसा झकझोर दिया कि गुरुवार को भी गांव की गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक सिर्फ एक ही चर्चा गूंजती रही—“आखिर रिश्तों के इस खूनी अंत के पीछे कौन-सा राज छिपा था?”
जिस घर में कभी दामाद के स्वागत में चौखट सजती थी, वहीं अब उसी दामाद का नाम मौत की कहानी बन चुका है। लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ हत्या और आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि रिश्तों की उस दरार का विस्फोट है, जिसे परिवार शायद लंबे समय से छुपाता रहा।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिहार निवासी जितेंद्र प्रजापति अपनी ससुराल बसडिला बुजुर्ग पहुंचा। कुछ देर बाद अचानक घर के अंदर गोलियों की आवाज गूंजी और पूरा गांव दहल उठा। जब परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो दृश्य देखकर हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई। साली नैना खून से लथपथ पड़ी थी, जबकि जितेंद्र भी गोली लगने से गंभीर हालत में पड़ा मिला। देखते ही देखते दोनों की सांसें थम गईं और घर चीख-पुकार से गूंज उठा।
सूचना मिलते ही तमकुहीराज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटना जितनी तेजी से हुई, उससे कहीं ज्यादा तेजी से अब गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
कोई इसे पारिवारिक विवाद बता रहा है, तो कोई रिश्तों के भीतर पनप रहे किसी ऐसे रहस्य की तरफ इशारा कर रहा है, जिसकी सच्चाई अब दोनों की मौत के साथ दफन हो चुकी है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि “धुआं वहीं उठता है, जहां अंदर आग पहले से सुलग रही हो।”
सबसे ज्यादा चर्चा मृतका नैना की मां गौतम देवी और मृतक जितेंद्र की पत्नी बेवी के बयानों को लेकर हो रही है। दोनों महिलाओं की बातों ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। गांव के लोग दबे स्वर में कह रहे हैं कि परिवार की चुप्पी ही इस कहानी का सबसे बड़ा सवाल बनती जा रही है।
लोग यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा कौन-सा तनाव था, जिसने रिश्तों को सीधे कब्र तक पहुंचा दिया? क्या यह गुस्से में लिया गया अचानक फैसला था या फिर लंबे समय से चल रही खामोश तनातनी का खूनी अंत?
घटना के बाद गांव में मातम जरूर पसरा है, लेकिन उसके साथ डर और अविश्वास का माहौल भी साफ दिखाई दे रहा है। लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं कि “अब रिश्तों में मिठास कम और बारूद ज्यादा भर चुका है।”
उधर पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रही है। सूत्रों के मुताबिक परिवार के लोगों, पड़ोसियों और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल और घटना से पहले की गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि मौत की इस गुत्थी की असली परत सामने आ सके।
फिलहाल बसडिला बुजुर्ग गांव में दो चिताएं जरूर बुझ चुकी हैं, लेकिन उनके पीछे उठे सवाल अब भी धधक रहे हैं… और यही सवाल इस डबल डेथ मिस्ट्री को और ज्यादा खौफनाक बना रहे हैं।
