
15 मई | विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर जनपद के दुदही क्षेत्र में शुक्रवार को महिला सशक्तिकरण और बाल विवाह उन्मूलन को लेकर ऐसा जागरूकता अभियान चला, जिसने छात्र-छात्राओं के भीतर नई चेतना जगा दी। विकास खण्ड दुदही स्थित आदर्श इंटर कॉलेज एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन टीम ने बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई पर करारा प्रहार करते हुए छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि एक जागरूक नागरिक की छोटी सी पहल किसी मासूम की जिंदगी बचा सकती है।
हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह ने बाल विवाह पर खुलकर चर्चा करते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर गहरा प्रहार करता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे न केवल खुद इस कुप्रथा से दूर रहें बल्कि समाज में भी इसके खिलाफ आवाज बुलंद करें। उनका संबोधन इतना प्रभावशाली रहा कि पूरे परिसर में “बाल विवाह मुक्त भारत” का संकल्प गूंज उठा।
इसी क्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अभिषेक कुमार सिंह ने छात्राओं को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि आसपास कहीं भी नाबालिग लड़के या लड़की की शादी कराई जा रही हो तो तुरंत 1098 या 112 पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि “चुप्पी भी अपराध है”, इसलिए हर छात्र-छात्रा को समाज का जिम्मेदार प्रहरी बनना होगा।
कार्यक्रम में निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने की अपील की गई। वहीं जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती प्रीति सिंह ने महिला हेल्पलाइन 1090, वन स्टॉप सेंटर 181, एंबुलेंस सेवा 108 एवं 102 सहित अन्य हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य ओमप्रकाश प्रसाद, सहायक अध्यापक प्रमोद कुमार मौर्य, रामप्रीत, राजेश कुमार, श्रीमती हिमाद्री कुशवाहा, श्रीमती वीमा कुशवाहा, प्रियंका गौड़, शाहीन परवीन, ओमप्रकाश सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन नलिन सिंह द्वारा छात्राओं एवं शिक्षकों को बाल विवाह न करने की सामूहिक शपथ दिलाकर किया गया। दुदही के विद्यालयों में चला यह जागरूकता अभियान अब केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मजबूत दस्तक माना जा रहा है।
