
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा थाना परिसर में बुधवार को एक ऐसी कार्रवाई हुई जिसने अवैध शराब कारोबारियों को साफ संदेश दे दिया कि कानून के शिकंजे से बचना अब आसान नहीं है। वर्षों से मालखाने में सुरक्षित रखी गई अवैध शराब को न्यायालय के आदेश पर जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दफन कर नष्ट कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज 87 मुकदमों में बरामद कुल 1178 लीटर अवैध अंग्रेजी, देशी और कच्ची शराब, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख 65 हजार रुपये बताई गई है, को विधिवत नष्ट किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार के निर्देश पर की गई, जिन्होंने सभी थाना प्रभारियों को लंबित मालों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए थे।
क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज जयंत कुमार यादव के नेतृत्व और थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा की देखरेख में हुई इस कार्रवाई में एपीओ धवल प्रताप शाही, तहसीलदार महेश कुमार, आबकारी निरीक्षक अभिषेक चौहान समेत न्यायालय व पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को केवल शराब नष्ट करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अवैध कारोबार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। सवाल यह भी उठता है कि जिन 87 मुकदमों में इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, वह आखिर किन नेटवर्कों के माध्यम से क्षेत्र में पहुंच रही थी? शराब तो मिट्टी में दबा दी गई, लेकिन क्या इसके पीछे सक्रिय तस्करी के पूरे तंत्र पर भी उतनी ही सख्ती से प्रहार हो रहा है?
फिलहाल विशुनपुरा पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब्त माल अब केवल मालखानों की शोभा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि न्यायालय के आदेशों के अनुरूप उसका निस्तारण भी होगा। वहीं आम जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि अवैध शराब के कारोबार की जड़ों तक पहुंचने के लिए आगे और कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
विलेज फास्ट टाइम्स इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।
