

विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर के पडरौना कोतवाली क्षेत्र स्थित बिंदवलिया गांव में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली घटना ने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। जमीन विवाद सुलझाने पहुंची डायल-112 पुलिस टीम पर ही दबंगों ने हमला बोल दिया। हालात ऐसे बने कि मदद के लिए पहुंची दूसरी पुलिस टीम भी दबंगई का शिकार हो गई। सवाल उठ रहा है कि जब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जमीन विवाद की सूचना पर पहुंची पहली पुलिस टीम समझौता कराने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तभी कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट होने लगी। मामला बिगड़ता देख दूसरी डायल-112 टीम मौके पर पहुंची, लेकिन दबंगों का गुस्सा उस पर भी टूट पड़ा।
घटना का वायरल वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कुछ लोग पुलिसकर्मियों से उलझते और कानून को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मारपीट के दौरान एक महिला ने एक सिपाही के हाथ में दांत तक गड़ा दिए। यह घटना केवल हमला नहीं बल्कि कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने जैसा माना जा रहा है।
वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर दबंगों का मनोबल इतना बढ़ कैसे जाता है कि वे पुलिस पर ही हाथ उठाने लगते हैं? यदि कानून के प्रति सम्मान की जगह चुनौती का भाव पैदा होने लगे, तो यह केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।
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